Hindi Christian Song | लोगों को परमेश्वर का भय मानने वाले हृदय के साथ उस पर विश्वास करना चाहिए

30 जुलाई, 2026

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परमेश्वर में विश्वास रखते हुए अगर लोगों के पास परमेश्वर का भय मानने वाले दिल न हों, परमेश्वर के प्रति समर्पणशील दिल न हों, तो ऐसे लोग न सिर्फ परमेश्वर के लिए कोई कार्य कर पाने में असमर्थ होंगे, बल्कि इसके उलट वे परमेश्वर के कार्य में बाधा डालने वाले और उसका प्रतिरोध करने वाले लोग बन जाएँगे। परमेश्वर में विश्वास करना किन्तु उसके प्रति समर्पण न करना या उसका भय न मानना और इसके बजाय उसका प्रतिरोध करना, किसी भी विश्वासी के लिए सबसे बड़ा कलंक है। यदि विश्वासी अपनी बोली और आचरण में ठीक उसी तरह लापरवाह और असंयमित हों जैसे अविश्वासी होते हैं, तो वे अविश्वासियों से भी अधिक दुष्ट होते हैं; ये ठेठ दुष्ट राक्षस हैं।

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जो लोग कलीसिया के भीतर विषैली, दुर्भावनापूर्ण बातें प्रकट करते हैं, जो भाई-बहनों के बीच निराधार अफवाहें फैलाते हैं, कलह के बीज बोते हैं और गुटबाजी करते हैं, न केवल उनमें शैतानी भ्रष्ट स्वभाव होते हैं, बल्कि उनकी प्रकृति भी बेहद दुर्भावनापूर्ण होती है। इन लोगों की कथनी-करनी केवल शैतानी भ्रष्ट स्वभाव प्रकट करने तक ही सीमित नहीं होती है; ये लोग असली दानव और शैतान होते हैं।

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जो लोग सच्चे मन से परमेश्वर में विश्वास करते हैं, परमेश्वर उनके हृदय में बसता है और उनके भीतर हमेशा परमेश्वर का भय मानने वाला दिल, परमेश्वर से प्रेम करने वाला दिल होता है। जो लोग परमेश्वर में विश्वास करते हैं, उन्हें सावधानी और विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करना चाहिए, और वे जो कुछ भी करें वह सब परमेश्वर की अपेक्षाओं के अनुरूप और उसके दिल को संतुष्ट करने वाला होना चाहिए। उन्हें दुराग्रही नहीं होना चाहिए, जो मन करे वो नहीं करना चाहिए; ऐसा करना संतों जैसे आचरण के अनुकूल नहीं है। लोगों को परमेश्वर का ध्वज लहराते हुए चारों ओर छल-प्रपंच करते हुए और अकड़ दिखाते हुए उच्छृंखल होकर नहीं चलना चाहिए; यह सबसे विद्रोहपूर्ण ढंग का आचरण है।

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परिवारों के अपने नियम होते हैं और राष्ट्रों के अपने कानून; क्या परमेश्वर के घर में यह बात और भी अधिक लागू नहीं होती? क्या इसके मानक और भी अधिक कड़े नहीं हैं? क्या यह और भी जरूरी नहीं है कि इसके पास प्रशासनिक आदेश हों? लोग जो चाहें वह करने के लिए स्वतंत्र हैं, परन्तु परमेश्वर के प्रशासनिक आदेशों को इच्छानुसार नहीं बदला जा सकता। परमेश्वर वह परमेश्वर है जो मानवजाति से अपमान सहन नहीं करता है; वह ऐसा परमेश्वर है जो लोगों को मार गिराता है। क्या लोग वास्तव में यह सब पहले से ही नहीं जानते?

—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, जो सत्य का अभ्यास नहीं करते हैं उनके लिए एक चेतावनी

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