Hindi Christian Song | परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके प्रति पूर्णतः ईमानदार हैं
25 जून, 2026
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तुम्हें पता होना चाहिए कि परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो ईमानदार हैं। परमेश्वर के पास विश्वासयोग्यता का सार है, अतः उसके वचनों पर हमेशा भरोसा किया जा सकता है; इसके अतिरिक्त, उसके क्रियाकलाप दोषरहित और निर्विवाद हैं। यही कारण है कि परमेश्वर उन लोगों को पसंद करता है जो उसके साथ पूरी तरह से ईमानदार होते हैं। ईमानदारी का अर्थ है अपना हृदय परमेश्वर को अर्पित करना; किसी भी बात में परमेश्वर के प्रति झूठा न होना; हर बात में उसके साथ खुलापन रखना, कभी तथ्यों को न छुपाना; अपने से ऊपर वाले लोगों को कभी भी धोखा देने की कोशिश न करना और अपने से नीचे वालों से चीजें न छिपाना और ऐसी चीजें न करना जो मात्र परमेश्वर की चापलूसी करने की कोशिशें हों। संक्षेप में, ईमानदार होने का अर्थ है अपने क्रियाकलापों और शब्दों में शुद्ध होना, न तो परमेश्वर को और न ही इंसान को धोखा देना।
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बहुत-से लोग ईमानदारी से बोलने और कार्य करने के बजाय नरक में डाले जाना पसंद करेंगे। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि जो बेईमान हैं उनसे निपटने के लिए मेरे पास अन्य तरीके भी तैयार हैं। बेशक मैं अच्छी तरह से जानता हूँ कि तुम लोगों के लिए ईमानदार लोग होना कितना मुश्किल है। चूँकि तुम सभी बहुत “चतुर” हो, अपनी घटिया मानसिकता के आधार पर उदार लोगों के हृदय का मूल्यांकन करने में बहुत अच्छे हो, इससे मेरा कार्य और आसान हो जाता है। और चूँकि तुममें से हरेक अपने भेद अपने सीने से चिपकाए रहता है, तो ठीक है, मैं तुम लोगों को एक-एक करके आपदा में डाल दूँगा ताकि अग्नि तुम्हें “सबक सिखाए,” ताकि उसके बाद तुम मेरे वचनों पर अडिग विश्वास रखने लगो।
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अंततः, मैं तुम लोगों के मुँह से ये शब्द निकलवा लूँगा—“परमेश्वर एक विश्वासयोग्य परमेश्वर है,” तब तुम लोग अपनी छाती पीटोगे और विलाप करोगे, “इंसान का हृदय कितना कपटी है!” उस समय तुम्हारी मनोस्थिति क्या होगी? निश्चित रूप से तुम घमंड में उतना नहीं बहोगे जितना तुम अभी बहते हो! और तुम लोग अब की तुलना में इतने “गहन और गूढ़” तो और भी कम होगे। कुछ लोग परमेश्वर की उपस्थिति में नियम-निष्ठ और उचित शैली में व्यवहार करते हैं, वे विशेष रूप से “शिष्ट व्यवहार” करते हैं, फिर भी आत्मा की उपस्थिति में वे अपने दाँत और पंजे दिखाने लगते हैं। क्या तुम लोग ऐसे इंसानों को ईमानदार लोगों की श्रेणी में गिनोगे?
—वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, तीन चेतावनियाँ
परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?
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