वचन देह में प्रकट होता है

विषय-वस्तु

एक योग्य चरवाहे को किन साजो-सामान से युक्त होना चाहिए

जब पवित्र आत्मा लोगों पर काम करता है तो वे लोग जिन परिस्थितियों में होंगे, उनकी तुम्हें समझ होनी चाहिए। विशेष कर, जो लोग ईश्वर की सेवा करने के लिए समन्वय करते हैं, उन्हें उन विभिन्न परिस्थितियों की और भी बेहतर समझ होनी चाहिए जो पवित्र आत्मा के लोगों पर कार्य करने से पैदा होती हैं। यदि तुम अनेक अनुभवों और प्रवेश करने के कई तरीकों के बारे में केवल बात करते हो, तो यह दिखाता है कि तुम्हारा अनुभव बेहद एक तरफा है। यथार्थ में कई स्थितियों को समझे बिना, तुम अपने स्वभाव में परिवर्तन ला पाने में असमर्थ हो। यदि तुम कई स्थितियों को समझ गए हो, तो तुम पवित्र आत्मा के काम की विभिन्न अभिव्यक्तियों को समझ पाओगे, और स्पष्ट रूप से आर-पार देख सकोगे और बुरी आत्माओं के बहुत से कामों को समझ पाओगे। तुम्हें लोगों के कई विचारों को बेनकाब कर सीधे मुद्दे के केंद्रबिंदु पर आना चाहिए; तुम्हें लोगों के अभ्यास में आने वाले भटकाव या परमेश्वर पर विश्वास करने में होने वाली समस्याओं पर भी ध्यान ले जाना चाहिए ताकि वे उन्हें पहचान सकें। कम से कम, तुम्हें उन्हें नकारात्मक या निष्क्रिय महसूस नहीं कराना चाहिए। हालांकि, तुम्हें उन कई कठिनाइयों को समझना चाहिए जो कि लोगों के लिए निष्पक्ष रूप से मौजूद हैं, तुम्हें विवेकहीन नहीं होना चाहिए या "भैंस के आगे बीन बजाने" की कोशिश नहीं करनी चाहिए; यह मूर्खतापूर्ण व्यवहार है। लोगों की कई कठिनाइयों को हल करने के लिए, तुम्हें पवित्र आत्मा के काम की गतिशीलता को समझना चाहिए, तुम्हें समझना चाहिए कि पवित्र आत्मा विभिन्न लोगों पर कैसे काम करता है, तुम्हें लोगों की कठिनाइयों और उनकी कमियों को समझना चाहिए और समस्या के महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करते हुए, किसी भटकाव या त्रुटियों के बिना, समस्या के स्रोत पर पहुंचना चाहिए। केवल इस तरह का व्यक्ति परमेश्वर की सेवा करने के लिए समन्वय करने योग्य है।

तुम प्रमुख मुद्दों को समझने और बहुत सी चीजों के आर-पार स्पष्ट रूप से देखने में सक्षम हो पाते हो या नहीं, यह तुम्हारे व्यक्तिगत अनुभवों पर निर्भर करता है। जिस तरीके से तुम अनुभव करते हो, वह इस बात को प्रभावित करता है कि तुम दूसरों का मार्गदर्शन कैसे करते हो। यदि तुम पत्रों और सिद्धांतों को समझते हो, तो तुम दूसरों को पत्रों और सिद्धांतों को समझाने के लिए नेतृत्व करते हो। तुम जिस तरह से परमेश्वर के वचनों की वास्तविकता का अनुभव करते हो, वही वो रास्ता है जिस पर तुम दूसरों को परमेश्वर के वचनों की वास्तविकता में प्रवेश कराने के लिए अगुवाई करते हो। यदि तुम बहुत सी सच्चाइयों को समझते हो और परमेश्वर के वचनों में कई चीजों को स्पष्ट रूप से समझते हो, तो तुम दूसरों को कई सच्चाइयों को समझाने हेतु नेतृत्व कर पाने में सक्षम हो और जिन लोगों का तुम नेतृत्व कर रहे हो, उन्हें दर्शन की स्पष्ट समझ होगी। यदि तुम अलौकिक भावनाओं को समझने पर ध्यान केंद्रित करते हो, तो तुम जिन लोगों का नेतृत्व करोगे, वे भी अलौकिक भावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। अगर तुम अभ्यास की उपेक्षा करते हो और बातचीत पर ज़ोर देते हो, तो जिन लोगों का तुम नेतृत्व करते हो, वे भी बिना अभ्यास के, बिना अपने स्वभाव में कोई परिवर्तन लाए बातचीत पर ही ध्यान केंद्रित करेंगे, और वे किसी सच्चाई का अभ्यास न करते हुए, केवल बाहरी तौर पर उत्साहित होंगे। सभी लोग दूसरों को वो देते हैं जो स्वयं उनके पास होता है। व्यक्ति का प्रकार, वह मार्ग निर्धारित करता है जिस पर वह दूसरों को निर्देशित करता है, और व्यक्ति का प्रकार निर्धारित करता है कि वह किस तरह के लोगों का नेतृत्व करता है। परमेश्वर के उपयोग हेतु वास्तव में उपयुक्त होने के लिए, तुम लोगों को केवल महत्वाकांक्षा की जरुरत नहीं है, बल्कि तुम लोगों को परमेश्वर से कई तरह की शिक्षा, परमेश्वर के वचनों से मार्गदर्शन, परमेश्वर से व्यवहार, और उसके वचनों के परिशोधन की भी आवश्यकता है। इस आधार में अवलोकन, ख्याल, सोच-विचार, निष्कर्ष, समावेशन या उन्मूलन को शामिल करो, जिन पर तुम लोग आमतौर पर ध्यान देते हो। ये सभी वास्तविकता में प्रवेश करने के लिए तुम लोगों के रास्ते हैं और ये सभी अनिवार्य हैं-परमेश्वर इसी तरह काम करता है। यदि तुम उस पद्धति में प्रवेश करते हो, जिसके द्वारा परमेश्वर कार्य करता है, तो तुम्हारे पास हर दिन परमेश्वर द्वारा पूर्ण होने का मौका होगा। और चाहे यह एक कठोर वातावरण हो या अनुकूल पर्यावरण, चाहे तुम्हारी परीक्षा ली जा रही हो या तुम्हें लुभाया जा रहा हो, चाहे तुम काम कर रहे हो या ना कर रहे हो , चाहे तुम एक व्यक्ति के रूप में जी रहे हो या सामुदायिक रूप से, किसी भी समय, तुम्हें उनमें से किसी एक को खोए बिना, हमेशा परमेश्वर के द्वारा पूर्ण किये जाने का अवसर मिलेगा। तुम उन सभी को खोज पाने में सक्षम होगे, और इस तरह तुम्हें परमेश्वर के वचनों का अनुभव करने का रहस्य मिल जायेगा।