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304 परमेश्वर का संदेश

I

अतीत है बीत चुका, तुम्हें न चाहिए इससे चिपकना।

कल तुम अपनी आस्था में अटल थे।

अब परमेश्वर को अपनी निष्ठा दो।

ये वो है जो तुम्हें जानना चाहिए।

हालांकि ईश्वर दिखता नहीं,

परमेश्वर का आत्मा तुम सब को अनुग्रह प्रदान करेगा।

ईश्वर उम्मीद करता है कि तुम उसकी आशीषों को संजो के रखोगे,

और उनका उपयोग करोगे खुद को जानने में।

उन्हें अपनी पूंजी की तरह न मानो।

ईश्वर के वचनों से अपनी कमी को पूरा करो।

इससे प्राप्त करो सकारात्मक चीज़ों को।

और ये है वो संदेश जो ईश्वर देता है वसीयत में।

II

कल तुम सब को उसके लिए अच्छी गवाही देनी चाहिए।

भविष्य में तुम सब आशीषित होगे।

तुम विरासत में पाओगे आशीष।

ये वो है जो तुम्हें जानना चाहिए।

हालांकि ईश्वर दिखता नहीं,

परमेश्वर का आत्मा तुम सब को अनुग्रह प्रदान करेगा।

ईश्वर उम्मीद करता है कि तुम उसकी आशीषों को संजो के रखोगे,

और उनका उपयोग करोगे खुद को जानने में।

उन्हें अपनी पूंजी की तरह न मानो।

ईश्वर के वचनों से अपनी कमी को पूरा करो।

इससे प्राप्त करो सकारात्मक चीज़ों को।

ये है वो संदेश जो ईश्वर देता है वसीयत में।

ये है वो संदेश जो ईश्वर देता है वसीयत में।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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