सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

परमेश्वर उन्हें आशीष देता है जो ईमानदार हैं

I

जब तुम ईश्वर को देते हो दिल और उसे धोखा नहीं देते हो,

जब तुम खुद से ऊँचे या नीचे लोगों को कभी नहीं छलते हो,

जब ईश्वर के प्रति साफ़दिल हो सब चीज़ों में,

जब तुम ईश्वर की चापलूसी वाले काम न करो,

है ये बनना ईमानदार।

ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

और न ईश्वर न लोगों को ठगना।

ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

और न ईश्वर न लोगों को ठगना।

यही है ईमानदारी, ओ, यही है ईमानदारी।

II

यदि तुम्हारे वचन बहानों से भरे हों, भरे हों व्यर्थ स्पष्टीकरणों से,

तो तुम सच्चाई का अभ्यास नहीं कर रहे, ना ही तुम करना चाहते हो।

प्रकाश और मोक्ष कैसे पाओगे तुम अगर अपने राज़ न खोलो?

यदि तुम सच्चाई का मार्ग खोज प्रसन्न होते हो,

तो सदा तुम प्रकाश में जियोगे।

ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

और न ईश्वर न लोगों को ठगना।

ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

और न ईश्वर न लोगों को ठगना।

यही है ईमानदारी, ओ, यही है ईमानदारी।

III

यदि चाहते हो ईश्वर के घर में सेवा करना,

मेहनत से, फ़ायदे के उम्मीद के बिन,

तो तुम परमेश्वर के एक वफ़ादार संत हो जिसे केवल है ईमानदार बनना।

यदि ईश्वर की गवाही के लिए तुम अपना जीवन दो,

यदि चाहते हो उसे खुश करना बिन अपने बारे में सोचे,

पोषित तुम्हे प्रकाश करेगा, और जियोगे उसके राज्य में हमेशा।

ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

और न ईश्वर न लोगों को ठगना।

ईमानदारी है अपने कार्यों और वचनों से अशुद्धि को दूर रखना,

और न ईश्वर न लोगों को ठगना।

यही है ईमानदारी, ओ, यही है ईमानदारी।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:परमेश्वर की विनम्रता बहुत प्यारी है

अगला:अंत के दिनों में परमेश्वर के देहधारण के पीछे का उद्देश्य

शायद आपको पसंद आये

केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो।