गंभीर खतरे में होना

08 सितम्बर, 2020

झांग हुई, चीन

सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अंत के दिनों का कार्य स्वीकार करने के कुछ ही दिनों बाद मैंने अपनी पुरानी कलीसिया के एक भाई को सुसमाचार प्रचार किया। फिर एक दिन दोपहर को पादरी ली और सहकर्मी वांग मेरे घर आए। मैं घबरा गया। मैंने सोचा, “वो यहाँ क्यों आए हैं? कहीं उन्हें मेरे सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकारने का पता तो नहीं चल गया? जब कलीसिया के अन्य सदस्यों ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर को स्वीकार किया था, तब ये लोग उनके बारे में अफवाहें फैलाने और धमकी देने लगे थे, उनके परिवारों को उनकी आस्था का विरोधी बना दिया था। अब वो मेरे खिलाफ़ कैसी चालें चलेंगे?” जल्द ही मेरा बेटा और बेटी भी वहाँ आ गए। मैं उलझन में पड़ गया। मेरे बच्चों ने कहा था कि उन्हें बहुत काम है, तो फिर वे दोनों आज यहाँ क्यों आए हैं? क्या पादरी ली ने इसका इंतजाम किया है? मुझे एहसास हुआ कि वो पहले से इसकी तैयारी करके आए हैं। मैंने तुरंत परमेश्वर से प्रार्थना की : “हे परमेश्वर, मैं नहीं जानता ये लोग मेरे साथ क्या करना चाहते हैं। मेरा आध्यात्मिक कद यह जानने के लिए बहुत छोटा है कि मैं इसका सामना कैसे करूँ। मेरा मार्गदर्शन करो, मेरी मदद करो, ताकि मैं सच्चे मार्ग पर डटा रह सकूँ।” प्रार्थना करके मुझे थोड़ी शांति मिली।

तभी पादरी ली मुस्कुराकर बोला, “भाई झांग, मैंने सुना कि तुमने अब चमकती पूर्वी बिजली को स्वीकार कर लिया है। क्या ये सही है? चमकती पूर्वी बिजली में चाहे कितना भी सत्य क्यों न हो, हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते। हमने इतने सालों से प्रभु में विश्वास किया है, उसके लिए प्रवचन दिए और काम भी किए हैं। हम सभी जानते हैं कि प्रभु यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया और वह पाप-बलि बना, जिससे हमें पाप से छुटकारा मिला। हमें हमेशा प्रभु के नाम को कायम रखते हुए उसी के मार्ग पर डटे रहना चाहिए। हम किसी और परमेश्वर में विश्वास नहीं कर सकते। प्रभु यीशु से दूर होकर और सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करके क्या तुम प्रभु को धोखा नहीं दे रहे हो?” मैंने एकदम शांत भाव से उनसे कहा, “पादरी ली, हमें निष्पक्ष और व्यावहारिक ढंग से सोचना चाहिए। हमें साक्ष्य के अनुसार चलना चाहिए, मनमाने ढंग से इसकी निंदा नहीं करनी चाहिए। तुमने चमकती पूर्वी बिजली के मार्ग की जाँच-पड़ताल नहीं की है या सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़ा नहीं है तो तुम ये कैसे कह सकते हो कि मैं चमकती पूर्वी बिजली को स्वीकार करके प्रभु को धोखा दे रहा हूँ? क्या तुम जानते हो कि सत्य कहाँ से आता है? क्या तुम्हें पता है कि सत्य कौन व्यक्त करता है? प्रभु यीशु ने कहा था : ‘मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ(यूहन्ना 14:6)। परमेश्वर सत्य का स्रोत है। तुम ये कैसे कह सकते हो कि चमकती पूर्वी बिजली में चाहे कितना भी सत्य हो, हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते? क्या ये जानबूझकर सत्य और परमेश्वर का विरोध करना नहीं हुआ? फिर क्या हम प्रभु के विश्वासी माने भी जाते हैं? मैंने हाल ही में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के बहुत-से वचन पढ़े हैं, मैंने देखा है कि वो सभी सत्य हैं, वे कई सत्यों और रहस्यों को प्रकट करते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़कर इतने सालों की आस्था में मेरी सभी उलझनों का समाधान हो गया। मुझे पूरा विश्वास है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटकर आया प्रभु यीशु है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुसरण करना, प्रभु के आगमन का स्वागत करना है। तुम कहते हो कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर में आस्था रखकर हम प्रभु यीशु को धोखा दे रहे हैं। क्या ये सत्य के अनुरूप है? जब प्रभु यीशु कार्य करने आया, तब बहुत-से लोगों ने उसका अनुसरण करने के लिए मंदिर जाना छोड़ दिया। क्या इसका मतलब वो यहोवा परमेश्वर को धोखा दे रहे थे? हालाँकि प्रभु यीशु का छुटकारे का कार्य यहोवा परमेश्वर द्वारा व्यवस्था जारी करने के कार्य से अलग था और परमेश्वर का नाम भी बदल गया था, फिर भी प्रभु यीशु और यहोवा एक ही परमेश्वर हैं। प्रभु यीशु में विश्वास करके वो यहोवा परमेश्वर को कोई धोखा नहीं दे रहे थे, बल्कि वो तो मेमने के पदचिह्नों पर चलकर परमेश्वर का उद्धार पा रहे थे। असल में जिन लोगों ने यहोवा परमेश्वर में विश्वास तो किया लेकिन प्रभु यीशु को स्वीकार नहीं किया, वे वही लोग थे जो परमेश्वर को त्याग कर उससे विश्वासघात कर रहे थे। सर्वशक्तिमान परमेश्वर का कार्य प्रभु यीशु के कार्य से अलग है और परमेश्वर का नाम बदल गया है, लेकिन वो एक ही परमेश्वर हैं। परमेश्वर अलग-अलग युग में अलग-अलग कार्य करता है। प्रभु यीशु ने अनुग्रह के युग में छुटकारे का कार्य किया था, जो सिर्फ हमारे पापों को क्षमा करने के लिए था। उसने मानवजाति की पापी प्रकृति का समाधान नहीं किया। इसलिए उसने वादा किया वो न्याय का कार्य करने के लिए दोबारा आएगा। सर्वशक्तिमान परमेश्वर अंत के दिनों में आया है, प्रभु के छुटकारे के कार्य के आधार पर हमारा न्याय करने के लिए सत्य व्यक्त कर रहा है, ताकि हमारे शैतानी स्वभावों और पापी प्रकृति का समाधान कर सके, और हमें पाप से पूरी तरह बचा सके ताकि हम परमेश्वर द्वारा प्राप्त किए जा सकें। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य और वचन प्रभु यीशु की भविष्यवाणियों को पूरी तरह पूरा करते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर में मेरा विश्वास प्रभु यीशु को कोई धोखा देना नहीं है। यह तो मेमने के पदचिह्नों पर चलना है। क्या सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अंत के दिनों के कार्य को स्वीकार किए बिना प्रभु यीशु में विश्वास करना हमें फरीसियों जैसा नहीं बना देता है, जिन्होंने प्रभु यीशु को ठुकराकर सिर्फ़ यहोवा परमेश्वर पर विश्वास किया? ऐसे लोग ही प्रभु का विरोध करते और उसे धोखा देते हैं! तुम्हें खुद अंत के दिनों में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के कार्य की अच्छे से जाँच-पड़ताल करके देखना चाहिए कि उसके वचन परमेश्वर की वाणी हैं या नहीं। मनमाने ढंग से इसकी आलोचना मत करो और इसे दोषी मत ठहराओ, वरना प्रभु का विरोध करने पर तुम्हें दोषी ठहराया जा सकता है!”

ये बातें कह लेने के बाद पादरी ली काफ़ी परेशान दिखने लगा, तब उनके सहकर्मी वांग ने मामले को सँभालते हुए कहा, “हम चमकती पूर्वी बिजली के खिलाफ़ हैं और नहीं चाहते कि हमारे सदस्य इसमें शामिल हों, ताकि कलीसिया और हमारे झुंड की सुरक्षा हो सके। प्रभु इसके लिए हमें दोषी क्यों ठहराएगा? पादरी ली को तुम्हारे जीवन के प्रति जिम्मेदारी का बोध है। वह नहीं चाहता कि तुम ग़लत मार्ग पर चलो। तुम एक सहकर्मी हो और तुमने हमारे साथ कलीसिया के लिए बहुत कुछ किया है। सबको तुम पर विश्वास है और तुम्हारी इज्ज़त करते हैं। अगर तुम उन्हें छोड़कर सर्वशक्तिमान परमेश्वर पर विश्वास करने लगे तो वे सभी बहुत निराश हो जाएँगे!” पादरी ली जल्दी जल्दी हामी भरने लगा, “भाई वांग सही कह रहा है। तुमने इतने साल कड़ी मेहनत की है, अगर तुम अपने लिए बनाई हुई प्रतिष्ठा और रुतबे को यूँ ही छोड़कर चले गए तो ये कितने अफसोस की बात होगी! वापस आ जाओ। सब तुम्हारी राह देख रहे हैं। हमारी कलीसिया ने एक रिटायरमेंट होम बनाया है, हमने दूसरे देशों के कई धार्मिक समूहों से संपर्क किया है जो हमें आर्थिक मदद दे रहे हैं। अगर तुम लौट आओ तो हम अभी तुम्हें एक कार दे देंगे। अगर तुम चाहो तो रिटायरमेंट होम की व्यवस्था कर सकते हो या कलीसिया की व्यवस्था कर सकते हो या कलीसिया के पैसों की देखरेख करते रह सकते हो, ये सब तुम पर निर्भर है।” उनकी जितनी बातें सुनीं, उतना मुझे दाल में काला नज़र आने लगा। विश्वासी ऐसी बातें कैसे कर सकते हैं? बाइबल में प्रभु यीशु को दिए गए दानव शैतान के प्रलोभन की बात मेरे मन में आयी : “फिर इब्लीस उसे एक बहुत ऊँचे पहाड़ पर ले गया और सारे जगत के राज्य और उसका वैभव दिखाकर उससे कहा, ‘यदि तू गिरकर मुझे प्रणाम करे, तो मैं यह सब कुछ तुझे दे दूँगा’” (मत्ती 4:8-9)। वो जो बातें कह रहे थे, उनका भी तो यही लहजा था, जैसे शैतान बातें कर रहा था? मुझे लगा, “ये शैतान की चाल है! वो रुतबे और पैसे का इस्तेमाल कर मुझे सच्चे मार्ग से लालच देकर भटका रहे हैं, ताकि मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर को धोखा दूँ। वो मुझे तबाह करने के लिए अपने जाल में फँसाना चाहते हैं।” मैं दस सालों से ज्यादा विश्वासी रहा हूँ और खुशकिस्मत हूँ कि मुझे प्रभु की वापसी का स्वागत करने का मौक़ा मिला। मैं जानता था मैं ऐसा नहीं होने दे सकता कि शैतान मुझे प्रभु को धोखा देने के लिए बहका दे। इसलिए मैंने कहा, “मैंने परमेश्वर की वाणी को सुनकर अनंत जीवन का मार्ग खोज लिया है। मैं परमेश्वर का अनुसरण करूँगा। तुम बेकार की कोशिश न करो। मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर से दूर नहीं जाऊँगा।” फिर मेरी बेटी रो-रोकर कहने लगी, “पापा, एक पल के लिए मेरी बात तो सुनो! माँ हाल ही में गुज़र गई। हमने बहुत कष्ट सहा है। चमकती पूर्वी बिजली में विश्वास करने के कारण अगर तुम्हें कलीसिया से निष्कासितकर दिया गया तो भाई-बहनें हमें भी हमसे मुँह फेर लेंगे!” मुझे अपनी बेटी को उस तरह रोते देखकर बुरा लग रहा था। मेरे मन में ज़बर्दस्त जंग चल रही थी : “अगर मैं कलीसिया में दोबारा जाने के लिए राज़ी हुआ तो मुझे ठुकराया नहीं जाएगा और मेरा पद भी बना रहेगा, लेकिन ये प्रभु के लिए अपने दरवाज़े बंद करना होगा। ये प्रभु के साथ धोखा होगा।” मेरे पास कोई आसान विकल्प नहीं था। इस पीड़ा में मैंने अपने मन में परमेश्वर से प्रार्थना की, “हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर, मैं बहुत ही मुश्किल परिस्थिति में फँस गया हूँ। मुझे आस्था और शक्ति दो, ताकि मैं उनके द्वारा बाधित किए जाने से बच सकूँ और एक रुख लेकर दृढ़ता से तुम्हारा अनुसरण कर सकूँ।” तभी मेरे मन में सर्वशक्तिमान परमेश्वर के ये वचन आए, जिन्हें मैंने कुछ दिनों पहले ही पढ़ा था : “तुम लोगों को जागते रहना चाहिए और हर समय प्रतीक्षा करनी चाहिए, और तुम लोगों को मेरे सामने अधिक बार प्रार्थना करनी चाहिए। तुम्हें शैतान की विभिन्न साजिशों और चालाक योजनाओं को समझना चाहिए, आत्माओं को पहचानना चाहिए, लोगों को जानना चाहिए और सभी प्रकार के लोगों, घटनाओं और चीजों का भेद पहचानने में सक्षम होना चाहिए(वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, आरंभ में मसीह के कथन, अध्याय 17)। परमेश्वर के वचनों ने मुझे हिम्मत दी और सावधान किया कि मुझे भेद पहचानने का अभ्यास करना होगा। उस दिन मैं जिन हालात का सामना कर रहा था, उसके पीछे शैतान की चाल थी। शैतान रुतबे और परिवार के लिए मेरी चिंता का इस्तेमाल कर, मुझे ललचाने, मेरे मन को बाधित करने और हमला करने की कोशिश में था, ताकि मैं परमेश्वर को धोखा दूँ। मुझे शैतान के बिछाए जाल से बचना था! मैंने अपने बच्चों से कहा, “मैंने इसकी जाँच की है और सब कुछ स्पष्ट है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटकर आया प्रभु है! हम इतने सालों से प्रभु के आगमन के लिए तरस रहे थे। अब जब वो आ गया है और अपने न्याय कार्य के लिए सत्य व्यक्त कर रहा है, अगर हम परमेश्वर के न्याय और शुद्धिकरण को स्वीकार करें, तो हम बचाए जाएँगे और परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करेंगे। हमें दूसरों द्वारा ठुकराए जाने से डरने के बजाय, प्रभु द्वारा त्यागे और हटाए जाने और प्रभु के वापस आने पर उठाए जाने का मौका गँवाने से डरना चाहिए। वरना हम महाविनाश के बीच रोते और अपने दाँत पीसते रह जाएँगे!” मेरी बातें सुनकर मेरे बच्चों ने बात आगे नहीं बढ़ाई, मैंने मन ही मन परमेश्वर के मार्गदर्शन का धन्यवाद किया। मेरा रवैया कितना दृढ़ है, यह देखकर पादरी ली और सहकर्मी वांग चिढ़कर निकल गए।

कुछ दिनों बाद पादरी ली मुझे दोबारा शादी करने का लालच देने के लिए वापस आया। पादरी ली ने कहा, “हाल ही में तुम्हारी पत्नी गुज़र गयी, बेटी की शादी हो गयी और बेटा तुम्हें ज्यादा समय नहीं दे पाता। तुम्हें अकेले रहने में बड़ी परेशानी होती होगी। कोई तो ऐसी होनी ही चाहिए जो तुम्हारे खाने-पीने का ध्यान रखे। कलीसिया वाली बहन वांग की भी शादी नहीं हुई है। वह संपन्न है, सबकी पसंदीदा है और अपनी आस्था में काफ़ी उत्साही है। कितना अच्छा हो अगर तुम दोनों शादी कर लो, एक-दूसरे का सहारा बनो और एक साथ प्रभु की सेवा करो?” उसी दिन शाम को बहन वांग ने मुझे फ़ोन किया, वो चमकती पूर्वी बिजली में विश्वास करना बंद करने के लिए मुझे मनाती रही। उसने ये भी कहा कि अगर मुझे बेटे की शादी के लिए पैसों की ज़रूरत हो, तो बस एक बार उसे बोलने की जरूरत थी। ये बात सुनकर मैं भीतर से बहुत उलझ गई। जब मेरी पत्नी बीमार और बिस्तर से उतरने लायक नहीं थी, तो उसके लिए दवाइयाँ लाते हुए हमारी बेटी का कार से एक्सीडेंट हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तब बहन वांग मेरी पत्नी और बेटी दोनों की देखभाल करने आयी थी। मैं हमेशा से उसका आभारी रहा हूँ। अगर मैंने बहन वांग की सलाह नहीं मानी तो क्या उसकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचेगी? लेकिन अगर मैंने उसकी बात मान ली तो ये प्रभु को धोखा देना होगा। मैं बहुत परेशान हो गया, मैंने बार-बार परमेश्वर से प्रार्थना की। मैं थोड़ी देर संघर्ष करता रहा, फिर विनम्रता से उसकी सलाह नकार दी।

एक दिन पादरी ली मुझे ढूँढ़ते हुए मेरे पास आया, तब मैं खेत में काम कर रहा था। उसने कहा, “भाई झांग, अपने बारे में नहीं तो कम से कम बच्चों के बारे में तो सोचो। हाल ही में तुम्हारे बेटे की सगाई हुई है, उसकी मंगेतर का पूरा परिवार प्रभु में विश्वास करता है। अगर उन्हें पता चला कि तुम सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करते हो तो क्या वो उसकी शादी तुम्हारे परिवार में करेंगे? क्या इससे तुम्हारे बेटे की शादी टूट नहीं जाएगी? तुम्हें थोड़ा और सोचना चाहिए।” इस पर मैंने सोचा, “तुम मुझे सच्चे मार्ग से दूर रखने के लिए मेरे बेटे की शादी की धमकी दे रहे हो। कितनी घिनौनी बात है!” मैंने उससे साफ़-साफ़ कह दिया, “सर्वशक्तिमान परमेश्वर में आस्था मेरी अपनी है, इससे मेरे बेटे की शादी का कोई लेना-देना नहीं। उसकी शादी ठीक से होगी या नहीं, ये परमेश्वर के हाथों में है। मुझे यकीन है कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ही लौटकर आया प्रभु यीशु है और मैं अंत तक उसका अनुसरण करता रहूँगा। अगर अभी मेरा बेटा इस बात को नहीं समझ रहा तो एक दिन समझ जाएगा।” पहले मुझे लगा कि ये सब पादरी ली की खोखली बातें हैं, लेकिन मुझे हैरानी हुई कि वह मेरे बेटे की शादी जितनी महत्वपूर्ण चीज का इस्तेमाल कर रहा था ताकि मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर को धोखा दे दूँ।

कुछ दिनों बाद मैं अपने बेटे की वेल्डिंग की दुकान पर गया। उसने अपनी भौहें सिकोड़कर कहा, “पापा, मेरी मंगेतर ने बताया, पादरी ली उसके परिवार से मिलने आए थे और उन्होंने उनसे कहा कि तुम चमकती पूर्वी बिजली में विश्वास करते हो। मेरी मंगेतर ने कहा, अगर तुमने ये सब बंद नहीं किया तो वो शादी तोड़ देंगे।” मैं भौंचक्का रह गया और गुस्सा भी आया। पादरी ली मुझे धमकाने के लिए मेरे बेटे की शादी का इस्तेमाल कर रहा था। प्रभु का विश्वासी आखिर ऐसा घिनौना काम कैसे कर सकता है? अपने बेटे को इतना निराश देखकर मुझे बहुत बुरा लगा। उसकी शादी में सिर्फ 18 दिन बचे थे। क्या वे ऐसे ही शादी तोड़ देंगे? मेरी आँखें भर आयीं। वह बोलता रहा, “पापा, उसने ये भी कहा कि वो सिर्फ़ तीन शर्तों पर ही शादी करेगी। पहली, हमें हमारा बाप-बेटे का रिश्ता खत्म करना होगा। दूसरी, मैं तुम्हारे बुढ़ापे में तुम्हारा ध्यान नहीं रखूँगा। तीसरी, मैं परिवार से सारे रिश्ते तोड़ दूँ। मेरी मॉम गुज़र गयी हैं। कम से कम हमारे परिवार की खातिर चमकती पूर्वी बिजली में विश्वास करना बंद कर दो।” मेरे बेटे के शब्द और उसके चेहरे पर दिख रही पीड़ा मेरे दिल में किसी नश्तर की तरह चुभ रहे थे। सिर्फ सर्वशक्तिमान परमेश्वर में विश्वास करने के कारण ये पादरी मुझसे दुश्मन की तरह बर्ताव कर रहे थे, मेरे बेटे को मुझसे सारे रिश्ते तोड़ने पर मजबूर कर रहे थे। यह कितना घिनौना है! मैंने अपने बेटे से कहा, “बेटे, तुम अब बड़े हो गए हो, मुझे तुम्हारा ध्यान रखने की कोई ज़रूरत नहीं। मैं बूढ़ा हो गया हूँ। मैं अपने बचे हुए दिन अपनी आस्था का अभ्यास और परमेश्वर का अनुसरण करने में बिताना चाहता हूँ। मुझे उम्मीद है तुम मेरी बात समझोगे।” इतना कहकर मैं दुकान से बाहर निकल गया। घर आकर, मैंने परमेश्वर से प्रार्थना की, “सर्वशक्तिमान परमेश्वर! पादरी मुझे बाधित और मजबूर करने के लिए हर चाल आज़मा रहे हैं। मेरा बेटा मुझसे सारे रिश्ते तोड़ने जा रहा है। मैं अब बहुत कमजोर महसूस कर रहा हूँ। मेरा मार्गदर्शन करके मुझे आस्था दो।”

अगले दिन सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया से एक भाई मुझसे मिलने मेरे घर आया, मैंने उसे सारी बातें बतायीं। उन्होंने मुझे सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का ये अंश पढ़कर सुनाया : “परमेश्वर द्वारा मनुष्य पर किए जाने वाले कार्य का हर कदम बाहर से लोगों के बीच मेलजोल प्रतीत होता है, मानो यह मानवीय व्यवस्थाओं द्वारा या मानवीय विघ्न से उत्पन्न हुआ हो। किंतु, कार्य के प्रत्येक कदम, और घटित होने वाली हर चीज के पीछे शैतान द्वारा परमेश्वर के सामने चली गई बाजी है और इनमें अपेक्षित है कि लोग परमेश्वर के लिए अपनी गवाही में अडिग बने रहें। उदाहरण के लिए, जब अय्यूब का परीक्षण हुआ : पर्दे के पीछे शैतान परमेश्वर के साथ शर्त लगा रहा था और अय्यूब के साथ जो हुआ वे मनुष्यों के कर्म थे और मनुष्यों के विघ्न थे। परमेश्वर द्वारा तुम लोगों पर किए गए कार्य के हर कदम के पीछे शैतान की परमेश्वर के साथ बाजी होती है—इसके पीछे एक लड़ाई होती है। ... हर चीज जो लोग करते हैं, उसमें उनके हृदय के रक्त की निश्चित मात्रा की आवश्यकता होती है। बिना असली पीड़ा के वे परमेश्वर को संतुष्ट नहीं कर सकते; वे परमेश्वर को संतुष्ट करने के करीब तक भी नहीं पहुँचते और केवल खोखले नारे लगा रहे होते हैं!(वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, केवल परमेश्वर से प्रेम करना ही वास्तव में परमेश्वर पर विश्वास करना है)। परमेश्वर के इन वचनों को पढ़कर, उसने इस अंश के संदर्भ में बहुत संगति की। तब मैं समझ गया कि पादरियों का हमें रोकना, परेशान करना और हम पर दबाव डालना, भले ही इंसानों का काम लगे, लेकिन असल में ये शैतान है जो लोगों का इस्तेमाल हमें बाधित करने के लिए कर रहा है। परमेश्वर के हर काम में शैतान अपनी टाँग अड़ाता है। शैतान, मानवजाति को बचाने के परमेश्वर के कार्य से नफ़रत करता है, इसलिए वो लोगों को परमेश्वर का अनुसरण करने से रोकने के लिए हर चाल और तरकीब आज़माता है, ताकि वो लोगों को अपने साथ नरक में ले जा सके। पादरी ली और अन्य लोगों ने मुझे सच्चे मार्ग से दूर रखने की कोशिश की, बार-बार मुझे तंग किया, कभी कार का लालच देकर तो कभी कलीसिया के पैसों की देखभाल या रिटायरमेंट होम की व्यवस्था का काम सौंपने की बात कहकर। उन्होंने तो मेरे लिए पत्नी ढूँढ़ने की पेशकश भी की थी। जब इन सबसे बात नहीं बनी, तब उन्होंने मुझे परमेश्वर को धोखा देने को मजबूर करने के लिए मेरे बेटे की शादी का इस्तेमाल किया। यह बहुत बुरा और दुर्भावनापूर्ण था! भाई ने अपनी सहभागिता जारी रखी, “जब प्रभु यीशु अपना कार्य करने प्रकट हुआ, तब यहूदी धर्म के अगुआओं ने परमेश्वर से बहुत नफरत की। वो अच्छी तरह से जानते थे कि प्रभु यीशु का उपदेश अधिकारपूर्ण है। उन्होंने न केवल इसकी जाँच करने से मना कर दिया, बल्कि पागलों की तरह प्रभु यीशु का प्रतिरोध किया, उसे दोषी ठहराया और उसकी ईश-निंदा की। उन्होंने लोगों को उसका अनुसरण करने से रोकने की हर मुमकिन कोशिश की, आखिरकार उसे क्रूस पर चढ़वा दिया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उन्हें डर था कि अगर सभी लोग प्रभु यीशु का अनुसरण करने लगे तो वे अपना रुतबा और रोजी-रोटी खो देंगे। जैसा कि बाइबल में लिखा है : ‘इस पर प्रधान याजकों और फरीसियों ने महासभा बुलाई, और कहा, “हम करते क्या हैं? यह मनुष्य तो बहुत चिह्न दिखाता है। यदि हम उसे यों ही छोड़ दें, तो सब उस पर विश्‍वास ले आएँगे, और रोमी आकर हमारी जगह और जाति दोनों पर अधिकार कर लेंगे।” ... अतः उसी दिन से वे उसे मार डालने का षड्‍यन्त्र रचने लगे’ (यूहन्ना 11:47, 48, 53)। परमेश्वर अंत के दिनों में न्याय का कार्य करने, मानवजाति को शुद्ध करने और बचाने के लिए आया है। धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर जानते हैं कि सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन सत्य हैं, फिर भी वो इसकी खोज या जाँच-पड़ताल नहीं करते। वो तो पागलों की तरह उसका विरोध और निंदा करने के साथ-साथ दूसरों को भी उसका अनुसरण करने से रोकते हैं। उनका सार प्रभु यीशु का विरोध करने वाले फरीसियों से अलग कहाँ है? प्रभु यीशु ने बहुत पहले ही उन पाखंडियों को शाप देकर दोषी ठहराया था। प्रभु यीशु ने कहा था : ‘हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! तुम मनुष्यों के लिए स्वर्ग के राज्य का द्वार बन्द करते हो, न तो स्वयं ही उसमें प्रवेश करते हो और न उस में प्रवेश करनेवालों को प्रवेश करने देते हो(मत्ती 23:13)। ‘हे कपटी शास्त्रियो और फरीसियो, तुम पर हाय! तुम एक जन को अपने मत में लाने के लिए सारे जल और थल में फिरते हो, और जब वह मत में आ जाता है तो उसे अपने से दूना नारकीय बना देते हो(मत्ती 23:15)। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचन धार्मिक अगुआओं द्वारा परमेश्वर का विरोध करने के सार और मूल कारण को भी उजागर करते हैं। सर्वशक्तिमान परमेश्वर कहता है : ‘ऐसे भी लोग हैं जो बड़े-बड़े गिरजाघरों में बाइबल पढ़ते हैं और दिन-भर इसका पाठ करते हैं, फिर भी उनमें से एक भी परमेश्वर के कार्य के उद्देश्य को नहीं समझता। उनमें से एक भी परमेश्वर को जानने में सक्षम नहीं है; उनमें से किसी एक के भी परमेश्वर के इरादों के अनुरूप होने की बात तो दूर रही। वे सब बेकार और अधम लोग हैं, हर कोई “परमेश्वर” पर उपदेश झाड़ने के लिए ऊँचे पायदान पर खड़ा है। वे ऐसे लोग हैं जो परमेश्वर का बैनर लेकर चलते हैं, फिर भी परमेश्वर का जानबूझकर प्रतिरोध करते हैं, जो मनुष्य का मांस खाते हुए और रक्त पीते हुए परमेश्वर में विश्वास करने की चिप्पी लेकर चलते हैं। ऐसे सभी लोग बुरे दानव हैं जो मनुष्य की आत्मा को निगलते हैं, दानवों के सरदार हैं जो उचित मार्ग पर लोगों के कदम रखने को जानबूझकर बाधित करते हैं और ऐसी अड़चनें हैं जो लोगों की परमेश्वर की खोज में रुकावट बनती हैं। वे “मजबूत बनावट” वाले दिख सकते हैं, किंतु उनके अनुयायी भला कैसे जानें कि वे उन मसीह-विरोधियों के सिवाय कोई और नहीं हैं जो परमेश्वर का प्रतिरोध करने के लिए लोगों की अगुआई करते हैं? उनके अनुयायी भला कैसे जानें कि वे जीते-जागते दानव हैं जो इंसानी आत्माओं को निगलने के लिए समर्पित हैं?(वचन, खंड 1, परमेश्वर का प्रकटन और कार्य, परमेश्वर को न जानने वाले सभी लोग परमेश्वर का प्रतिरोध करते हैं)।” भाई की संगति सुनकर और परमेश्वर के वचनों को पढ़कर मैं धार्मिक अगुआओं द्वारा परमेश्वर का विरोध और सत्य से नफरत करने की राक्षसी प्रकृति को बेहतर ढंग से समझ पाया। वे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का बुरी तरह से विरोध और निंदा करते हैं, अंत के दिनों के परमेश्वर के कार्य को स्वीकारने से विश्वासियों को रोकने का भरसक प्रयास करते हैं, क्योंकि वो परमेश्वर की भेड़ों को अपने कब्ज़े में रखना चाहते हैं, ताकि उन पर उनका अधिकार कायम रह सके। वे खुद स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं करते और विश्वासियों को उसमें प्रवेश करने से रोकते हैं। वो परमेश्वर का प्रतिरोध करते हैं और उनका नरक जाना तय है और अपने साथ दूसरों को भी नीचे ले आते हैं। वो राक्षसों का एक दल हैं! अगर देहधारी परमेश्वर अंत के दिनों में प्रकट होकर कार्य करने नहीं आता, कलीसिया में छिपे इन दुष्ट सेवकों और मसीह-विरोधियों को प्रकट नहीं किया गया होता और पादरी की रुकावट और बाधा के अपने व्यक्तिगत अनुभव के बिना, मैं इनके परमेश्वर-विरोधी राक्षसी सार को कभी न जान पाता। मुझे पता भी न चलता और मुझे गुमराह कर तबाह कर दिया जाता। मैंने उनके पाखंडी और घिनौने चेहरों को साफ देखा, इससे सर्वशक्तिमान परमेश्वर का अनुसरण करने का मेरा संकल्प और मजबूत हो गया।

बाद में मैं अपनी पुरानी कलीसिया के भाई-बहनों से सुसमाचार प्रचार करता रहा। एक सुबह जब हम एक सभा में थे, तब पादरी ली अपनी टोली के साथ दोबारा मेरे घर आया, उसने कहा, “हमने तुम्हें बार-बार कहा कि चमकती पूर्वी बिजली में विश्वास मत करो। लेकिन तुम मेरी बात मानने के बजाय मेरी भेड़ों को भी छीनकर उन्हें चमकती पूर्वी बिजली के उपदेश देने लगे हो। क्या तुम वाकई मेरा विरोध करना चाहते हो?” मैंने कहा, “पादरी ली, तुम ग़लत कह रहे हो। कलीसिया और कलीसिया के सदस्य, सभी परमेश्वर के हैं। तुम तो सिर्फ़ एक पादरी हो। तुम भेड़ों को अपना कैसे बता सकते हो? मैं भाई-बहनों से सुसमाचार इसलिए प्रचार कर रहा हूँ ताकि वो परमेश्वर की वाणी सुनकर उसके सिंहासन के सामने वापस लौट सकें और परमेश्वर का उद्धार स्वीकार कर सकें। तुम इस मार्ग में रुकावट क्यों पैदा कर रहे हो? सभी लोग कमजोर और निराश महसूस करने लगे हैं। उनकी आत्मा अँधेरे में रहकर सूख गयी है। उनके जीवन को कोई पोषण नहीं मिल रहा है। सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने सत्य व्यक्त किया, हमें अनंत जीवन का मार्ग दिया है। तुम लोगों को उसके वचनों को पढ़ने से क्यों रोकना चाहते हो? तुम लोगों से उनका सच्चे मार्ग की खोज करने का अधिकार और आज़ादी क्यों छीन रहे हो? उन्हें ऐसा करने से रोककर क्या आप उन्हें धर्म में फँसाकर प्यासा मरने के लिए मजबूर नहीं कर रहे? ये अच्छे सेवक का काम है या दुष्ट सेवक का?” पादरी ली के हावभाव तुरंत बदल गए और उसने गुस्से में चिल्लाकर कहा, “लगता है तुम सुधरोगे नहीं! अगर तुमने अपनी आस्था में हमारा अनुसरण नहीं किया तो जल्द ही तुम नरक भोगोगे!” मैंने कहा, “मेरा नरक जाना या नहीं जाना तुम्हारे हाथों में नहीं है। तुम्हें तो प्रभु की वाणी पहचानना और उसका स्वागत करना भी नहीं आता। तुम दूसरों को स्वर्ग के राज्य में प्रवेश कैसे करा सकोगे? अंत के दिनों का मसीह ही स्वर्ग के राज्य में प्रवेश का एकमात्र द्वार है। उसके अनुसरण के माध्यम से मुझे अनंत जीवन का मार्ग मिल गया है। मेरे जीवन की जिम्मेदारी परमेश्वर के हाथों में है, आपके नहीं!” यह सुनने के बाद वे मुँह लटकाकर चले गए। इसके बाद कोई मुझे तंग करने नहीं आया।

पादरी के व्यवधानों और बाधाओं से गुज़रकर मैंने शैतान की चालों का भेद थोड़ा पहचान लिया। मुझे ये भी पता चला कि धार्मिक दुनिया के पादरी और एल्डर पाखंडी फरीसियों से कम नहीं हैं, वो परमेश्वर का विरोध करने वाले मसीह-विरोधी हैं। मैं उनके बंधनों और बाध्यताओं से पूरी तरह मुक्त हो गया। सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों ने शैतान के ऊपर जीत हासिल करके सच्चे मार्ग पर डटे रहने में हर कदम पर मेरी अगुआई की। मैं वाकई परमेश्वर का धन्यवाद करता हूँ! जिन हालात का मुझे सामना करना पड़ा, उनके बारे में सोचूँ तो वो एक बड़ा प्रलोभन था। मैं ज़िंदगी और मौत के किनारों पर झूल रहा था। परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन के बिना मैं शैतान की चालों को कभी नहीं समझ पाता। अगर मैं सच्चे मार्ग को छोड़कर देह-सुख को अपनाता और शैतान के सामने झुक जाता तो मैं उद्धार पाने का मौका पूरी तरह से खो देता। मैं वाकई बहुत बड़े खतरे में था! मैं परमेश्वर की सुरक्षा और उद्धार के लिए बहुत आभारी हूँ!

परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?

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