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मानवता के लिये बहुत महत्वपूर्ण देहधारी परमेश्वर

I

देहधारी परमेश्वर कर सकता है वो काम, जिसे इंसान कर नहीं सकता,

क्योंकि वैसा नहीं है उसके भीतर का सार, जैसा इंसान का है।

बचा सकता है वो इंसान को, क्योंकि अलग है पहचान उसकी, इन्सान से।

मानवता के लिये बहुत ज़रुरी है ये देह,

क्योंकि मानव है वो, और सबसे बढ़कर परमेश्वर है वो।

क्योंकि जो कर सकता है वो, देह में कोई मामूली इंसान कर नहीं सकता,

बचा सकता है दूषित इंसान को वो,

जो रहता है इसी धरती पर संग उसके, संग उसके।

II

देहधारी परमेश्वर, है इंसान की तरह,

मगर है वो ज़्यादा ज़रुरी किसी भी इन्सान से।

क्योंकि वो कर सकता है काम जो, आत्मा परमेश्वर का कर नहीं सकता।

वो दे सकता है बेहतर गवाही परमेश्वर की,

और पा सकता है इंसान को पूरी तरह।

मामूली और सामान्य है ये देह,

मगर जो दिया है उसने इंसान को,

और जो अहमियत है उसकी उनके वजूद के लिये

बनाते हैं वो ज़्यादा मूल्यवान और बेशकीमती उसे।

इस देह की कीमत और अहमियत का अनुमान

कोई लगा नहीं सकता, कोई लगा नहीं सकता।

III

ये देह हालाँकि तबाह कर नहीं सकता सीधे शैतान को,

उसका काम मगर परास्त कर सकता है शैतान को,

और जीत सकता है इंसान को,

और ले आता है परमेश्वर के प्रभुत्व में, पूरी तरह शैतान को।

बचा सकता है इंसान को, हरा सकता है शैतान को परमेश्वर,

क्योंकि देह बना है परमेश्वर।

वो नहीं करता तबाह शैतान को सीधे-सीधे,

करता है देहधारण, कार्य करने

और जीतने, शैतान से दूषित हुए इंसान को।

इस तरह वो दे सकता है अपनी बेहतर गवाही जीवों में,

और बचा सकता है दूषित हुए इंसान को।

IV

परमेश्वर अपने धारण किये देह से,

शैतान को करता है पराजित,

और ये कहीं बड़ी गवाही है परमेश्वर की।

ये कहीं ज़्यादा विश्वासप्रद है, बनिस्बत इसके,

परमेश्वर का आत्मा सीधे तबाह करे शैतान को।

देहधारी परमेश्वर मदद कर सकता है इंसान की बेहतर,

कि जाने इंसान अपने रचनाकार को

और दे सकता है जीवों में परमेश्वर की बेहतर गवाही।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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