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परमेश्वर का सार सर्वशक्तिमान और व्यवहारिक है

I

परमेश्वर अपने काम व्यवहारिक रूप से करता है,

वह अपने स्वभाव और स्वरूप को व्यक्त करता है।

परमेश्वर जो काम कर सकता है वह मानव के लिए असंभव है।

यह वह जगह है जहां परमेश्वर की सर्वशक्तिमत्ता अस्तित्व में है।

वह स्वयं द्वारा काम करता है।

यह वह जगह है जहां उसकी व्यवहारिकता दिखती है।

इसे मन में रखो:

परमेश्वर का सार सर्वशक्तिमान और व्यवहारिक है;

और ये दो पहलू एक दूसरे के पूरक हैं।

जो भी वो करता है उसमें व्यक्त होता है, उसका स्वभाव और स्वरूप।

उसके अस्तित्व में उसकी सर्वशक्तिमत्ता,

उसकी धार्मिकता और उसका प्रताप शामिल है।

II

परमेश्वर सर्वशक्तिमान है और व्यवहारिक भी।

उसके वचनों में उसकी सर्वशक्तिमत्ता है।

वह अधिकार के साथ है, वह जो कुछ कहता है वह सच हो जाता है।

अंतिम परिणाम देखने से पहले ही,

वह जब बोलता है तब उसकी सर्वशक्तिमत्ता प्रकट होती है।

इसे मन में रखो:

परमेश्वर का सार सर्वशक्तिमान और व्यवहारिक है;

और ये दो पहलू एक दूसरे के पूरक हैं।

जो भी वो करता है उसमें व्यक्त होता है, उसका स्वभाव और स्वरूप।

उसके अस्तित्व में उसकी सर्वशक्तिमत्ता,

उसकी धार्मिकता और उसका प्रताप शामिल है।

III

याद करते हैं व्यवस्था के युग में क्या हुआ।

जब परमेश्वर ने योना को नीनवे जाने के लिए कहा,

तो उसका व्यवहारिक होना इस प्रकार से पता चला।

जब योना ने इनकार कर दिया,

वह एक बड़ी मछली द्वारा खाया गया।

वहां वह तीन दिन तक रहा था,

लेकिन वह बच गया और मरा नहीं था।

परमेश्वर ने जो उसके साथ किया,

वह परमेश्वर की सर्वशक्तिमत्ता को दर्शाता है।

परमेश्वर हमेशा अपने काम में अपने स्वभाव

और स्वरूप को दिखाता है।

IV

उसके सार के दो रूप हैं: उसकी सर्वशक्तिमत्ता और व्यवहारिकता।

जो वह करता है और उसके काम के हर चरण में,

उन्हें देखा जा सकता है।

यह परमेश्वर को जानने का एक तरीका है।

इसे मन में रखो:

परमेश्वर का सार सर्वशक्तिमान और व्यवहारिक है;

और ये दो पहलू एक दूसरे के पूरक हैं।

जो भी वो करता है उसमें व्यक्त होता है, उसका स्वभाव और स्वरूप।

उसके अस्तित्व में उसकी सर्वशक्तिमत्ता,

उसकी धार्मिकता और उसका प्रताप शामिल है।

उसके अस्तित्व में उसकी सर्वशक्तिमत्ता,

उसकी धार्मिकता और उसका प्रताप शामिल है।

उसके अस्तित्व में उसकी सर्वशक्तिमत्ता,

उसकी धार्मिकता और उसका प्रताप शामिल है।

"मसीह की बातचीतों के अभिलेख" से

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