यदि अब मैं तुम लोगों से कहूँ कि अय्यूब प्यारा मनुष्य है, तो हो सकता है कि तुम लोग इन शब्दों के भीतर निहित अर्थ न समझ सको, और हो सकता है कि मैंने ये सब बातें क्यों कही हैं उनके पीछे की भावना को न पकड़ सको; परंतु उस दिन तक प्रतीक्षा करो जब तुम लोगों को अय्यूब के सदृश या वैसी ही परीक्षाओं का अनुभव हो चुका होगा, जब तुम लोग विपत्ति से गुज़र चुके होगे, जब तुम लोग व्यक्तिगत रूप से तुम लोगों के लिए परमेश्वर द्वारा आयोजित परीक्षाओं का अनुभव कर चुके होगे, जब तुम प्रलोभनों के बीच शैतान को जीतने और परमेश्वर की गवाही देने के लिए अपना सर्वस्व दे दोगे, और अपमान और कष्ट सहोगे—तब तुम इन वचनों का जो मैं बोलता हूँ अर्थ समझ पाओगे। उस समय, तुम महसूस करोगे कि तुम अय्यूब से बहुत हीनतर हो, तुम महसूस करोगे कि अय्यूब कितना प्यारा है, और अनुकरण करने के योग्य है। जब वह समय आएगा, तब तुम्हें अहसास होगा कि अय्यूब के द्वारा कहे गए वे उत्कृष्ट वचन उस व्यक्ति के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं जो भ्रष्ट है और जो इन समयों में रहता है, और तुम्हें अहसास होगा कि अय्यूब ने जो प्राप्त किया था वह आज के लोगों के लिए प्राप्त करना कितना कठिन है। जब तुम महसूस करोगे कि यह कठिन है, तब तुम समझोगे कि परमेश्वर का हृदय कितना व्याकुल और चिंतित है, तुम समझोगे कि ऐसे लोगों को प्राप्त करने के लिए परमेश्वर द्वारा चुकाई गई कीमत कितनी बड़ी है, और वह कितना बहुमूल्य है जो परमेश्वर मनुष्यजाति के लिए करता और खपाता है। अब जब तुम लोगों ने ये वचन सुन लिए हैं, तब क्या तुम लोगों के पास अय्यूब की सटीक समझ और सही आकलन है? तुम लोगों की नज़रों में, क्या अय्यूब सचमुच पूर्ण और खरा मनुष्य था जो परमेश्वर का भय मानता और बुराई से दूर रहता था? मैं विश्वास करता हूँ कि अधिकांश लोग बिल्कुल निश्चित रूप से हाँ कहेंगे। क्योंकि अय्यूब ने जो कुछ किया और प्रकट किया उनके तथ्य किसी भी मनुष्य या शैतान के द्वारा अकाट्य हैं। वे शैतान पर अय्यूब की विजय का सर्वाधिक शक्तिशाली प्रमाण हैं। यह प्रमाण अय्यूब में उत्पन्न हुआ था, और परमेश्वर द्वारा प्राप्त प्रथम गवाही थी। इस प्रकार, जब अय्यूब ने शैतान के प्रलोभनों में विजय प्राप्त की और परमेश्वर के लिए गवाही दी, तब परमेश्वर ने अय्यूब में आशा देखी, और उसके हृदय को अय्यूब से आराम मिला था। सृष्टि के समय से लेकर अय्यूब के समय तक, यह पहली बार था जब परमेश्वर ने सच में अनुभव किया कि आराम क्या होता है, और मनुष्य द्वारा आराम पहुँचाए जाने का क्या अर्थ होता है। यह पहली बार था जब उसने सच्ची गवाही देखी, और प्राप्त की, जो उसके लिए दी गई थी।
मैं भरोसा करता हूँ कि अय्यूब की गवाही और अय्यूब के विभिन्न पहलुओं के वृतांत सुनने के बाद, बहुसंख्यक लोगों के पास अपने सम्मुख उपस्थित मार्ग के लिए योजनाएँ होंगी। इसलिए मैं यह भी भरोसा करता हूँ कि अधिकांश लोग जो व्यग्रता और भय से भरे हैं धीरे-धीरे शरीर और मन दोनों से शांत होने लगेंगे, और थोड़ा-थोड़ा करके राहत महसूस करने लगेंगे।
—वचन, खंड 2, परमेश्वर को जानने के बारे में, परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II