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सबसे बड़ी आशीष जो ईश्वर मानव को प्रदान करता है

I

परमेश्वर के शब्दों के समापन के साथ, उसका साम्राज्य है बन रहा।

फिर से मानव के होने से सामान्य, प्रभु का साम्राज्य बना।

साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन।

आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।

धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।

II

बर्फीले ठण्ड के स्थान पर है ऐसी एक दुनिया, जहां है बहारें साल भर,

जब इंसां ना झेलेगा इस दुनिया के दर्द-ओ-ग़म को।

ना होंगें झगड़े इंसानों में, ना तो जंग होंगे मुल्कों में,

ना होगी हिंसा, ना ही खून।

उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।

धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।

III

प्रभु विचरता है इस जग में, रस लेता अपने सिंहासन से।

रहता है वो सितारों में, फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं।

फरिश्ते अब रोते नहीं, अपनी कमजोरियों पर।

फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं। फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं।

अब ना प्रभु कभी, सुनेगा रोना फरिश्तों का।

फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं। फरिश्ते उसके लिए नाचें-गाएं।

IV

तकलीफों की फरियाद करेगा ना कोई।

आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

क्या नहीं, आशीष ये सबसे बड़ी है प्रभु ने दी जो इंसानों को?

साम्राज्य में रहते परमेश्वर के जन, फिर पाओगे तुम मनुष्योचित जीवन।

आज, तुम जीते हो प्रभु के समक्ष; उसके साम्राज्य में जिओगे तुम कल।

आनंद – सौहार्द से भरी धरती सारी।

धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना। धरती पर प्रभु का साम्राज्य बना।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो। केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं