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दो हज़ार सालों की अभिलाषा

I

कि परमेश्वर ने किया है देहधारण हिल उठता है धार्मिक संसार,

होती है परेशान धार्मिक व्यवस्था,

और उन सभी की आत्मा होती है उद्वेलित

जिनको है अभिलाषा परमेश्वर के प्रकटन की।

होता मोहित इस पर कौन नहीं?

कौन न करता अभिलाषा परमेश्वर के दर्शन की, परमेश्वर के दर्शन की?

परमेश्वर ने बिताए हैं वर्षों मनुष्यों के मध्य,

लेकिन मनुष्य साधारण रूप से है इससे अनभिज्ञ।

आज करने के लिए, मनुष्य के साथ अपने,

पुराने प्रेम को नवीन, परमेश्वर खुद प्रकट हुआ है।

II

यहूदिया से उसके जाने के बाद,

परमेश्वर हुआ अदृश्य ना मिला कोई सुराग।

उसे दोबारा देखने के लिए लोगों में है अभिलाषा,

लेकिन उन्होंने कभी सोचा भी नहीं

है उसके साथ यहाँ और आज मिलने के लिए।

यह कैसे नहीं वापस ला सकती हैं बीते दिनों की, की याद?

दो हज़ार साल पहले,

योना का पुत्र सिमोन प्रभु यीशु से मिला था,

और एक ही मेज पर खाया था प्रभु के साथ,

खाया था प्रभु के साथ, खाया था प्रभु के साथ।

वर्षों के अनुपालन से उसका प्रेम हुआ परमेश्वर के लिए गहरा।

उसने यीशु को किया प्रेम अपने ह्रदय की गहराई से,

ह्रदय की गहराई से,

ह्रदय की गहराई से, ह्रदय की गहराई से।

परमेश्वर ने बिताए हैं वर्षों मनुष्यों के मध्य,

लेकिन मनुष्य साधारण रूप से है इससे अनभिज्ञ।

आज करने के लिए, मनुष्य के साथ अपने,

पुराने प्रेम को नवीन, परमेश्वर खुद प्रकट हुआ है,

परमेश्वर खुद प्रकट हुआ है, परमेश्वर खुद प्रकट हुआ है।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:सहता है बहुत से कष्ट परमेश्वर इंसान को बचाने को

अगला:परमेश्वर अपनी उम्मीद रखता है पूरी तरह इंसान पर

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बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो।