सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

92 विश्वास के लिए मुख्य है परमेश्वर के वचनों को जीवन की वास्तविकता के रूप में स्वीकार करना

I

परमेश्वर पर विश्वास नहीं होना चाहिए

चमत्कारों और संकेतों को देखने के उद्देश्य से,

नहीं होना चाहिए तुम्हारी व्यक्तिगत देह के लिए।

होना चाहिए यह परमेश्वर को जानने की तलाश के लिए,

सर्वोत्तम ढंग से परमेश्वर की आज्ञा का पालन करने के लिए।

पतरस की तरह मृत्यु तक परमेश्वर की आज्ञा मानो।

यही वो सब है जो प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए।

II

परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने का उद्देश्य है

परमेश्वर को सही में जानना,

परमेश्वर को संतुष्ट करना।

परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने का उद्देश्य है

परमेश्वर का और ज़्यादा ज्ञान पाना।

सिर्फ़ तब कर पाओगे तुम उसकी आज्ञा का पालन, कर पाओगे उसे प्रेम।

यही होना चाहिए परमेश्वर पर विश्वास करने का लक्ष्य।

III

परमेश्वर पर विश्वास का

मतलब है परमेश्वर द्वारा पूर्ण किए जाने की तलाश करना,

परमेश्वर की आज्ञा पूरी तरह मानना।

बिना किसी शिकायत अगर तुम मानते हो परमेश्वर की आज्ञा,

कर सकते हो विचार परमेश्वर की अभिलाषाओं पर,

कर सकते हो प्राप्त पतरस की कद-काठी और शैली,

तब होगे तुम सफल अपने विश्वास में,

प्राप्त किए जाओगे तुम परमेश्वर द्वारा।

अगर तुम सिर्फ़ करते हो कोशिश चमत्कार और संकेत देखने की,

तो परमेश्वर पर तुम्हारे विश्वास का दृष्टिकोण है गलत।

परमेश्वर में विश्वास का मतलब है

उसके वचनों को जीवन की वास्तविकता के रूप में स्वीकार करना।

उसके वचनों का, उसके मुंह से निकले वचनों का करो अभ्यास।

अपने भीतर करो उसके वचनों का पालन।

यही है परमेश्वर का लक्ष्य प्राप्त करना, करना।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:शरीर त्यागने का अभ्यास

अगला:परमेश्वर के वचनों की महत्ता

सम्बंधित मीडिया

  • देहधारी परमेश्वर को किसने जाना है

    I चूँकि हो तुम एक नागरिक परमेश्वर के घराने के, चूँकि हो तुम निष्ठावान परमेश्वर के राज्य में, फिर जो कुछ भी तुम करते हो उसे जरूर खरा उतरना चाहिए परमेश्…

  • पवित्र आत्मा के कार्य के सिद्धांत

    I पवित्र आत्मा इक-तरफा कार्य नहीं करता, इंसान नहीं कर सकता काम अकेले। पवित्र आत्मा इक-तरफा कार्य नहीं करता, इंसान नहीं कर सकता काम अकेले। इंसान काम …

  • प्रभु यीशु का अनुकरण करो

    I पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को, क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की, इसमें न उसका स्वार्थ था, न योजना…

  • स्वयं परमेश्वर की पहचान और पदवी

    I हर चीज़ पर जो राज करे वो परमेश्वर है, हर चीज़ का जो संचालन करे वो परमेश्वर है। हर चीज़ बनाई उसने, हर चीज़ का वो संचालन करता है। हर चीज़ पर वो राज करता …

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) मेमने ने पुस्तक को खोला न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम दिनों के मसीह, के उत्कृष्ट वचन राज्य के सुसमाचार पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उत्कृष्ट वचन -संकलन मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ राज्य के सुसमाचार पर उत्कृष्ट प्रश्न और उत्तर (संकलन) परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) विजेताओं की गवाहियाँ मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप