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परमेश्वर की सारी सृष्टि उसकी प्रभुता के अधीन होनी चाहिए

I

परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,

और इसलिए वह सृष्टि को लेता है,

अधीन अपने, और झुकाता आगे अपने प्रभुत्व के।

आदेश वो देता है सब को, हाथों में लेकर नियंत्रण।

जीव-जंतु, पहाड़, नदी, और मानव को अधीन उसके आना होगा।

चीज़ें जो आसमाँ और धरती पर हैं,

परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन सभी को आना है।

करना होगा समर्पण, विकल्प के बिना।

है आज्ञा यही परमेश्वर की और उसका है अधिकार।

II

परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,

और इसलिए वह सृष्टि को लेता है,

अधीन अपने, और झुकाता आगे अपने प्रभुत्व के।

परमेश्वर की आज्ञा से है सब कुछ।

वो दे क्रम और दे वो सबको स्थान,

प्रकार के अनुसार मिले वर्ग

और परमेश्वर की इच्छा से मिलता है पद।

चीज़ें जो आसमाँ और धरती पर हैं,

परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन सभी को आना है।

करना होगा समर्पण, विकल्प के बिना।

है आज्ञा यही परमेश्वर की और उसका है अधिकार।

III

चाहे जितना ही कुछ भी हो महान,

परमेश्वर की प्रभुत्व के पार जा सकेगा नहीं।

ईश्वर द्वारा रचे मानव की सब सेवा करते,

अवज्ञा करने या मांगने की न हिम्मत करे।

ईश्वर के द्वारा रचे मानव को पालन कर्तव्यों का है करना।

चाहे मानव प्रभु हो या हो शासक सब चीज़ों का,

चाहे जितना हो रुतबा ऊँचा,

परमेश्वर के अधीन मानव छोटा सा है।

एक तुच्छ सा प्राणी है, परमेश्वर की सृष्टि,

कभी परमेश्वर से ऊपर न होगा।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो। परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है