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क्या तुम परमेश्वर के कार्य को जानते हो?

I

काम देहधारी परमेश्वर का, दिखावटी नहीं है,

न ही किसी रहस्य में लिपटा है, लिपटा है।

जिस तरह एक और एक दो होता है, ये उतना ही सच्चा और असल है;

न तो ये छुपा है, न कोई छल है, न कोई छल है।

लोग जो देखते हैं वो यथार्थ है,

और जो पाते हैं, वो सत्य और ज्ञान भी, और ज्ञान भी।

काम जब अपने अंजाम तक पहुँचेगा,

तो परमेश्वर के बारे में उन्हें नया ज्ञान होगा,

जो सच्चे दिल से परमेश्वर को खोजते हैं,

उनकी सारी धारणाएं गुम हो चुकी होंगी।

ये उसके काम का असर महज़ चीनियों पर नहीं है,

बल्कि पूरी इंसानियत को जीतने में

उसके विजय-कार्य के असर को भी प्रतिबिम्बित करता है।

II

क्योंकि यह देह, उसका कार्य, हर चीज़ उसकी,

किसी भी चीज़ से ज़्यादा हितकारी है उसके विजय-कार्य में।

वो आज भी हितकारी हैं और कल भी हितकारी होंगे।

ये देह जीत लेगा सभी को और प्राप्त कर लेगा हर इंसान को।

परमेश्वर को देखने-समझने, उसकी आज्ञा मानने से

बेहतर नहीं है कोई काम इंसान के लिए।

जो सच्चे दिल से परमेश्वर को खोजते हैं,

उनकी सारी धारणाएं गुम हो चुकी होंगी।

ये उसके काम का असर महज़ चीनियों पर नहीं है,

बल्कि पूरी इंसानियत को जीतने में

उसके विजय-कार्य के असर को भी प्रतिबिम्बित करता है।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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