सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

परमेश्वर मानता है इंसान को अपना सबसे प्रिय

I

परमेश्वर ने इंसान को बनाया।

चाहे इंसान हो गया दूषित या चले उसके पीछे,

परमेश्वर के लिए इंसान है दुलारा,

या इंसान के शब्दों में परमेश्वर का सबसे प्यारा प्रियजन।

इंसान नहीं उसका खिलौना।

वो है रचयिता और इंसान है उसकी रचना।

लगता है पद है अलग,

पर इंसान के लिए जो करता है परमेश्वर वो है उनके रिश्ते से बहुत बढ़कर।

इंसान से है प्रेम परमेश्वर को और है उसका ख़्याल,

दिखाता है वो इंसान को अपनी फ़िक्र।

बिन थके वो देता है इंसान को,

कभी नहीं लगता उसे ये है अतिरिक्त कार्य,

कभी नहीं लगता उसे चाहिए है मिलना श्रेय।

II

कभी नहीं लगता उसे कि इंसान को बचाना,

उसकी पूर्ति करना और उसे सब कुछ देना

है कोई बहुत बड़ा योगदान।

वो बस अपने तरीके से,

अपने सार से, अपने स्वरूप से,

इंसान को चुपचाप, ख़ामोशी से करता है पूर्ति।

चाहे जितना इंसान पाए उससे,

परमेश्वर माँगता नहीं है श्रेय।

वो होता है उसके सार से तय।

यही है सही मायने में उसके स्वभाव की अभिव्यक्ति।

परमेश्वर ने इंसान को बनाया।

चाहे इंसान हो गया दूषित या चले उसके पीछे,

परमेश्वर के लिए इंसान है दुलारा।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:परमेश्वर सबकी पूर्ण देखभाल करता है

अगला:देहधारी परमेश्वर को बेहद चिंता है अपने अनुयायियों की

शायद आपको पसंद आये

केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है प्रश्न 26: बाइबल ईसाई धर्म का अधिनियम है और जो लोग प्रभु में विश्वास करते हैं, उन्होंने दो हजार वर्षों से बाइबल के अनुसार ऐसा विश्वास किया हैं। इसके अलावा, धार्मिक दुनिया में अधिकांश लोग मानते हैं कि बाइबल प्रभु का प्रतिनिधित्व करती है, कि प्रभु में विश्वास बाइबल में विश्वास है, और बाइबल में विश्वास प्रभु में विश्वास है, और यदि कोई बाइबल से भटक जाता है तो उसे विश्वासी नहीं कहा जा सकता। कृपया बताओ, क्या मैं पूछ सकता हूँ कि इस तरीके से प्रभु पर विश्वास करना प्रभु की इच्छा के अनुरूप है या नहीं? बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं