सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

902 इंसान अपनी किस्मत पर काबू नहीं कर सकता

I

हर नया दिन कहाँ ले जाएगा तुम्हें?

कल तुम क्या कहोगे या करोगे?

कल किससे हो जायेगा सामना?

क्या जान सकते हो तुम पहले से?

क्या देख सकोगे होने वाली बातों को?

क्या बस है इन पर तुम्हारा कोई?

नहीं, नहीं नहीं, नहीं।

अपेक्षा नहीं होती जिनकी,

हो जाती हैं ऐसी चीज़ें कई।

इंसान अपनी किस्मत को बस में कर सकता नहीं।

रोज़ाना की छोटी बातें,

जैसे आती हैं सामने,

घटित होती हैं जिस स्वरूप में,

सदा इंसान को याद दिलाती हैं,

कुछ भी बस यूं ही होता नहीं,

धीरे-धीरे आकार लेती हैं ये बातें,

होना है जो तो वो होकर रहेगा,

इंसान की मर्ज़ी से ये न टलेगा।

उसकी काबिलियत के परे है ये,

इंसान अपनी किस्मत को बस में कर सकता नहीं।

छोटी बातों से लेकर,

इंसान के पूरे जीवन की नियति तक।

सब प्रकट करते हैं योजना और

प्रभुता सृष्टिकर्ता की,

उसका अधिकार सर्वोच्च है,

उसके अधिकार से बढ़कर कुछ नहीं।

यह सत्य है चिरस्थायी।

इस संसार में सब कुछ प्रकट करता है

योजना और प्रभुता सृष्टिकर्ता की।

इंसान अपनी किस्मत को बस में कर सकता नहीं।

जो कुछ भी होता है, देता है इंसान को

परमेश्वर की ओर से चेतावनी।

बताता है कि इंसान अपनी किस्मत को

बस में कर सकता नहीं।

होती है जो भी घटना,

करती है खंडन इंसान की आकांक्षाओं का,

जो हैं जीवन-कमान अपने हाथों मे लेने की

व्यर्थ, निरंकुश लालसाओं से भरीं।

इंसान अपनी किस्मत को बस में कर सकता नहीं।

छोटी बातों से लेकर,

इंसान के पूरे जीवन की नियति तक।

सब प्रकट करते हैं योजना और

प्रभुता सृष्टिकर्ता की,

उसका अधिकार सर्वोच्च है,

उसके अधिकार से बढ़कर कुछ नहीं।

यह सत्य है चिरस्थायी।

इस संसार में सब कुछ प्रकट करता है,

योजना और प्रभुता सृष्टिकर्ता की।

इंसान अपनी किस्मत को बस में कर सकता नहीं।

एक के बाद एक, इंसान के गालों पे

पड़े तेज़ थप्पड़ हैं ये।

इंसान के गालों पे पड़े तेज़ थप्पड़ ये,

मजबूर करते इंसान को सोचने पे,

उनकी किस्मत लिखने वाला कौन है,

उसे चलाने वाला अंत में कौन है।

उसकी लालसाएँ बार-बार टूटती हैं।

सारे लक्ष्य धरे रह जाते हैं।

अंत में किस्मत का लिखा मानना ही पड़ता है,

सच्चाई को स्वीकारना ही पड़ता है।

स्वर्ग की इच्छा, सृष्टिकर्ता की प्रभुता के आगे

सिर झुकाना ही पड़ता है।

सब प्रकट करते हैं योजना और

प्रभुता सृष्टिकर्ता की,

उसका अधिकार सर्वोच्च है,

उसके अधिकार से बढ़कर कुछ नहीं।

यह सत्य है चिरस्थायी।

इस संसार में सब कुछ प्रकट करता है

योजना और प्रभुता सृष्टिकर्ता की।

इंसान अपनी किस्मत को बस में कर सकता नहीं।

"वचन देह में प्रकट होता है" से रूपांतरित

पिछला:बहुत पहले ही तय कर दिया इंसान की नियति को परमेश्वर ने

अगला:मनुष्य की पीड़ा कैसे उत्पन्न होती है?

सम्बंधित मीडिया

  • परमेश्वर स्वर्ग में है और धरती पर भी

    I परमेश्वर, परमेश्वर। परमेश्वर जब धरती पर होता है, तो इंसानों के दिल में वो व्यवहारिक होता है। स्वर्ग में वो सब जीवों का स्वामी होता है। नदियाँ लांघी…

  • स्वयं परमेश्वर की पहचान और पदवी

    I हर चीज़ पर जो राज करे वो परमेश्वर है, हर चीज़ का जो संचालन करे वो परमेश्वर है। हर चीज़ बनाई उसने, हर चीज़ का वो संचालन करता है। हर चीज़ पर वो राज करता …

  • पवित्र आत्मा के कार्य के सिद्धांत

    I पवित्र आत्मा इक-तरफा कार्य नहीं करता, इंसान नहीं कर सकता काम अकेले। पवित्र आत्मा इक-तरफा कार्य नहीं करता, इंसान नहीं कर सकता काम अकेले। इंसान काम …

  • प्रभु यीशु का अनुकरण करो

    I पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को, क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की, इसमें न उसका स्वार्थ था, न योजना…

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) मेमने ने पुस्तक को खोला न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम दिनों के मसीह, के उत्कृष्ट वचन राज्य के सुसमाचार पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उत्कृष्ट वचन -संकलन मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ राज्य के सुसमाचार पर उत्कृष्ट प्रश्न और उत्तर (संकलन) परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) विजेताओं की गवाहियाँ मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप