सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

101 परमेश्वर के सामने मेरा मौन रहना

मैं परमेश्वर के खुद को शांत करता हूँ।

प्रार्थना करता हूँ और अपने दिल की बात कहता हूँ।

मैं सहजता और ईमानदारी से मनकी बात कहता हूँ,

दिल से बोलता हूँ।

मैं अपनी मुश्किलों और कमियों को परमेश्वर को सौंप देता हूँ

और उसकी ओर देखता हूँ।

परमेश्वर मुझे प्रबुद्ध और प्रकाशित करे

ताकि मैं उसकी इच्छा को समझ सकूँ।

ईमानदार खोज से मैं

पवित्र आत्मा की रोशनी को हासिल करता हूँ।

सत्य को समझकर,

मैं विवेक हासिल करता हूँ

और अभ्यास का मार्ग पाता हूँ।

परमेश्वर के मार्गदर्शन से मैं रोशनी में रहता हूँ,

मेरा दिल आनंद और मधुरता से भरा है।

मैं परमेश्वर के सामने खुद को शांत करता हूँ।

परमेश्वर के सामने शांत रहकर,

मैं उसके वचनों पर मंथन करता हूँ।

मैं इंसान की भ्रष्टता को देखता हूँ,

किस तरह हमने अपनी इंसानियत गँवा दी है।

परमेश्वर के वचनों के प्रकटन और न्याय से

मैं आत्म-मंथन करता हूँ।

मेरे शब्दों में मंशा छिपी रहती है,

मैं बहुत झूठ बोलता हूँ।

मैं अपने कर्तव्य में,

सत्य के सिद्धांतों का पालन नहीं करता,

मैं अपने कामों में नियमों से चिपका रहता हूँ।

मेरे अंदर भाई-बहनों के प्रति प्रेम नहीं है,

मैं अहंकारी और स्वार्थी हूँ।

मुझे अभी भी परमेश्वर के और अधिक

न्याय, परीक्षणों और शुद्धिकरण को स्वीकारने की ज़रूरत है।

मैं परमेश्वर के सामने खुद को शांत करता हूँ।

परमेश्वर के सामने शांत रहकर

और सत्य की खोज करके,

मैं धीरे-धीरे जीवन में आगे बढ़ता हूँ।

परमेश्वर के सामने शांत रहकर

और आत्म-मंथन करके,

मैं सच्चा प्रायश्चित करता हूँ।

मैं अक्सर परमेश्वर के सामने शांत रहता हूँ

और सचमुच उससे संवाद करता हूँ।

इससे मैं परमेश्वर का भय मान पाता हूँ बुराई से दूर रह पाता हूँ,

और उसके समक्ष रह पाता हूँ।

मैं हर चीज़ में

परमेश्वर की जाँच को स्वीकारता हूँ।

मैं रोशनी में रहता हूँ।

मैं अंदर से शुद्ध हो रहा हूँ,

मैं सच्चा जीवन जीता हूँ।

परमेश्वर के सामने खुद को शांत रखता हूँ।

अक्सर परमेश्वर के वचनों पर विचार करके,

मैं अच्छा फल पाता हूँ।

पवित्र आत्मा ने मुझे प्रबुद्ध किया है

ताकि मैं और भी अधिक सत्यों को समझ लूँ।

अपने कर्तव्य निभाते हुए,

मैं सुकून और आनंद में रहता हूँ।

परमेश्वर के वचनों को अमल में लाकर,

मैं उसका प्रेम और आशीष पाता हूँ।

ईमानदार खोज से मैं

पवित्र आत्मा की रोशनी को हासिल करता हूँ।

सत्य को समझकर,

मैं विवेक हासिल करता हूँ

और अभ्यास का मार्ग पाता हूँ।

परमेश्वर के मार्गदर्शन से मैं रोशनी में रहता हूँ,

मेरा दिल आनंद और मधुरता से भरा है।

मैं परमेश्वर के सामने खुद को शांत करताहूँ।

मेरा दिल आनंद और मधुरता से भरा रहता है।

परमेश्वर के सामने खुद को शांत करताहूँ, शांत करता हूँ।

परमेश्वर के सामने खुद को शांत करता हूँ।

परमेश्वर के सामने खुद को शांत करता हूँ।

पिछला:परमेश्वर के पास लौटना सच्चा आनंद है

अगला:परमेश्वर के सामने अक्सर आओ

सम्बंधित मीडिया

  • प्रभु यीशु का अनुकरण करो

    I पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को, क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की, इसमें न उसका स्वार्थ था, न योजना…

  • परमेश्वर स्वर्ग में है और धरती पर भी

    I परमेश्वर, परमेश्वर। परमेश्वर जब धरती पर होता है, तो इंसानों के दिल में वो व्यवहारिक होता है। स्वर्ग में वो सब जीवों का स्वामी होता है। नदियाँ लांघी…

  • देहधारी परमेश्वर को किसने जाना है

    I चूँकि हो तुम एक नागरिक परमेश्वर के घराने के, चूँकि हो तुम निष्ठावान परमेश्वर के राज्य में, फिर जो कुछ भी तुम करते हो उसे जरूर खरा उतरना चाहिए परमेश्…

  • स्वयं परमेश्वर की पहचान और पदवी

    I हर चीज़ पर जो राज करे वो परमेश्वर है, हर चीज़ का जो संचालन करे वो परमेश्वर है। हर चीज़ बनाई उसने, हर चीज़ का वो संचालन करता है। हर चीज़ पर वो राज करता …

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) मेमने ने पुस्तक को खोला न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम दिनों के मसीह, के उत्कृष्ट वचन राज्य के सुसमाचार पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उत्कृष्ट वचन -संकलन मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ राज्य के सुसमाचार पर उत्कृष्ट प्रश्न और उत्तर (संकलन) परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) विजेताओं की गवाहियाँ मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप