सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का ऐप

परमेश्वर की आवाज़ सुनें और प्रभु यीशु की वापसी का स्वागत करें!

सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

2 राज्य-गान (II) आगमन हुआ है परमेश्वर का, राजा है परमेश्वर

I

इस अपूर्व लम्हे में, हर्ष के समय में,

ज़मीं पर और आसमाँ में कर रहे यशगान सब।

है कौन न जो उत्साहित हो? है कौन न जो आनंदित हो?

इस अवसर पर किसके न आँसू छलकें?

ये स्वर्ग नहीं जो पहले था, ये स्वर्ग है राज्य का।

ये धरा नहीं जो पहले थी, ये निर्मलता की धरती है।

घनघोर बारिश पड़ने के बाद, जो मलिन जगत था, पूरा बदल गया,

जो मलिन जगत था, पूरा बदल गया।

II

पर्वत, पानी हैं बदल रहे...

बदल रहा है मानव भी, सारी सृष्टि भी बदल रही...

ओ नीरव पर्वत, उठो और परमेश्वर की ख़ातिर नृत्य करो।

ओ ठहरे जल, बहते जाओ!

ओ सपनों में खोए मानव, उठो लक्ष्य में लग जाओ!

आया है परमेश्वर... राजा है परमेश्वर...

ख़ुद अपनी आँखों से तुम, दर्शन परमेश्वर के कर लो,

ख़ुद अपने कानों से तुम, वाणी परमेश्वर की सुन लो,

और राज्य के जीवन को तुम ख़ुद जी लो।

कितना अद्भुत, है कितना मधुर... जिसको न भुलाया जा सकता...

कितना अद्भुत, है कितना मधुर... जिसको न भुलाया जा सकता...

III

परमेश्वर के दहकते क्रोध में, कसमसाता है बड़ा लाल अजगर।

प्रतापी न्याय में परमेश्वर के, नज़र आता है शैतान का असली चेहरा।

परमेश्वर के कठोर वचनों पर,

होता शर्मिंदा इंसान बहुत, न जाने छिपाए चेहरा किधर।

पहले मानव परमेश्वर का, करता था तिरस्कार और उपहास,

हर समय बहुत इतराता था,

हर पल उल्लंघन करता था वो परमेश्वर की आज्ञा का।

अब देखो आज फिर, कौन है जो न बहाता आँसू?

है कौन जो ख़ुद को न इल्ज़ाम देता?

इस पूरी कायनात में, हर कोई आंसू बहा रहा,

हर कोई ख़ुशी से चहक रहा, सबके लफ़्ज़ों में हँसी भरी,

अनंत हर्षोन्माद है... सबके लफ़्ज़ों में हँसी भरी, अनंत हर्षोन्माद है...

IV

हल्की बारिश की टपटप है; भारी हिमपात की धड़कन है...

आसमान में बढ़े जा रहे, बादल कितनी तेज़ी से।

धरती के महासागरों में, लहरें उठती हैं, गिरती हैं।

ग़म और ख़ुशी से मानव भी अभिभूत है।

कुछ हँसते हैं आनंद में, कुछ बहा रहे आँसू अपने,

कुछ चिल्लाते हैं ख़ुशियों से।

हर कोई जैसे भूल गया। क्या ये वसंत की फुहार वाला दिन है?

या ग्रीष्म का खिलता दिन है? या ये पकी फसल का पतझड़ वाला दिन है?

या ये ठिठुरती सर्दी वाला दिन है? ये कोई नहीं बतला सकता...

परमेश्वर की सन्तानें नृत्य खुशी से करती हैं;

परमेश्वर के जन सारे खुश होकर उछल-कूद करते।

अपने कामों में लगे हुए हैं देवदूत, वो कर रहे चरवाही हैं...

मानव धरती पर व्यस्त बहुत ही कामों में,

और धरती पर बढ़ती जीवों की आबादी,

और धरती पर बढ़ती जीवों की आबादी।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:राज्य गान (I) दुनिया में राज्य का अवतरण हुआ है

अगला:राज्य-गान (III) सभी जन आनंद के लिये जयकार करते हैं

सम्बंधित मीडिया

  • देहधारी परमेश्वर को किसने जाना है

    I चूँकि हो तुम एक नागरिक परमेश्वर के घराने के, चूँकि हो तुम निष्ठावान परमेश्वर के राज्य में, फिर जो कुछ भी तुम करते हो उसे जरूर खरा उतरना चाहिए परमेश्…

  • पवित्र आत्मा के कार्य के सिद्धांत

    I पवित्र आत्मा इक-तरफा कार्य नहीं करता, इंसान नहीं कर सकता काम अकेले। पवित्र आत्मा इक-तरफा कार्य नहीं करता, इंसान नहीं कर सकता काम अकेले। इंसान काम …

  • परमेश्वर स्वर्ग में है और धरती पर भी

    I परमेश्वर, परमेश्वर। परमेश्वर जब धरती पर होता है, तो इंसानों के दिल में वो व्यवहारिक होता है। स्वर्ग में वो सब जीवों का स्वामी होता है। नदियाँ लांघी…

  • स्वयं परमेश्वर की पहचान और पदवी

    I हर चीज़ पर जो राज करे वो परमेश्वर है, हर चीज़ का जो संचालन करे वो परमेश्वर है। हर चीज़ बनाई उसने, हर चीज़ का वो संचालन करता है। हर चीज़ पर वो राज करता …

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) मेमने ने पुस्तक को खोला न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है सर्वशक्तिमान परमेश्वर, अंतिम दिनों के मसीह, के उत्कृष्ट वचन राज्य के सुसमाचार पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के उत्कृष्ट वचन -संकलन मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ राज्य के सुसमाचार पर उत्कृष्ट प्रश्न और उत्तर (संकलन) परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) विजेताओं की गवाहियाँ मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप