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परमेश्वर की वास्तविकता और सुंदरता

I

प्रभु परमेश्वर ने आदम और हव्वा के वास्ते,

चमड़े के लबादे बनाए और पहना दिए उन्हें।

इस तस्वीर से परमेश्वर, आदम और हव्वा के,

मां-बाप के किरदार में नज़र आता है।

आह... आह... आह...

II

परमेश्वर ने आदम और हव्वा को बनाया, उन्हें अपना साथी

और परिवार बनाया, ख़्याल रखा

और पूरी की ज़रूरतें उनकी।

परमेश्वर, आदम और हव्वा के, मां-बाप के किरदार में नज़र आता है।

इस काम में, परमेश्वर जो करता है।

वो कितना ऊँचा है, या उसकी परम महत्ता,

इंसान देख नहीं पाता है, देख नहीं पाता है।

वो रहस्यों में छिपा है, ना ये देख पाता है,

ना उसका रोष और प्रताप देख पाता है।

उसका प्रेम, विनय, फ़र्ज़ और फ़िक्रमंदी,

इंसान के लिए है, महज़ इतना देख पाता है।

III

परमेश्वर ने आदम और हव्वा से वैसा ही बर्ताव किया,

जिस तरह मां-बाप अपने बच्चों से करते हैं,

उनकी देखभाल करते हैं, उन्हें सच्चा प्यार करते हैं।

इतना असल और सच्चा कि उसे,

छुआ जा सकता है, देखा जा सकता है।

परमेश्वर ने नहीं रखा अपना ओहदा ऊंचा,

ख़ुद अपने हाथों से बनाया उसने लिबास इंसान का।

इतनी सादगी है इस बात में कि ज़िक्र भी ज़रूरी नहीं,

मगर जो परमेश्वर के अनुयायी हैं,

जिनके ख़्याल पहले परमेश्वर के बारे में साफ़ नहीं थे,

वो देख पाएंगे कि, परमेश्वर कितना सच्चा है,

कितना प्यारा है, कितना खरा, कितना विनीत है,

कितना सच्चा है, कितना प्यारा है,

कितना खरा, कितना विनीत है।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

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