सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

परमेश्वर की सत्ता अनुपम है

I

परमेश्वर की सत्ता है अनुपम; ये है उसका अनोखा सत्व और इज़हार,

जो नहीं और किसी के पास, चाहे वो सृजा था या हो अनसृजा।

इस ताकत का मालिक है बस सृष्टिकर्ता,

यह तत्व है बस अनुपम परमेश्वर के पास।

परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,

सब पर है उसका, उसका ही अधिकार, अधिकार, अधिकार, अधिकार, अधिकार।

उसके अधीन नहीं महज कुछ तारे, मानवता और सृष्टि के कुछ हिस्से।

बल्कि रखे है वो सब कुछ अपने हाथों में,

बड़ा हो या हो छोटा, दृश्य या अदृश्य,

तारों से लेकर छोटे छोटे जीव, सब कुछ है उसके महान हाथों में।

बस यही मायने हैं 'समस्त चीज़ों' के, परमेश्वर जिनका संचालक है।

इस ताकत का मालिक है बस सृष्टिकर्ता,

यह तत्व है बस अनुपम परमेश्वर के पास।

परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,

सब पर है उसका, उसका ही अधिकार, अधिकार, अधिकार, अधिकार, अधिकार।

II

प्रभु की सत्ता को समझना लगता है मुश्किल, पर नहीं है ये बस ख्यालों में।

रहता है ये इंसान के साथ हर दिन हर लम्हे में,

इंसान देखता महसूस करता कितना सच्चा है ये असल में।

परमेश्वर की शक्ति को साबित करती है ये हकीकत;

इंसान को समझाती केवल परमेश्वर की है ऐसी ताकत।

उसके अधीन नहीं महज कुछ तारे, मानवता और सृष्टि के कुछ हिस्से।

बल्कि रखे है वो सब कुछ अपने हाथों में,

बड़ा हो या हो छोटा, दृश्य या अदृश्य,

तारों से लेकर छोटे छोटे जीव, सब कुछ है उसके महान हाथों में।

बस यही मायने हैं 'समस्त चीज़ों' के, परमेश्वर जिनका संचालक है।

परमेश्वर अपनी ताकत दिखाता वह राज्य यही है,

दायरे हैं यही उसकी सत्ता और हुकूमत के।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:देहधारी परमेश्वर को बेहद चिंता है अपने अनुयायियों की

अगला:परमेश्वर का सार सर्वशक्तिमान और व्यवहारिक है

शायद आपको पसंद आये

बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो। परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है