सत्य को खोजने वाले सभी लोगों का हम से सम्पर्क करने का स्वागत करते हैं

मेमने का अनुसरण करना और नए गीत गाना

ठोस रंग

विषय-वस्तुएँ

फॉन्ट

फॉन्ट का आकार

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

0 खोज परिणाम

कोई परिणाम नहीं मिला

`

देह-धारण किया परमेश्वर ने, शैतान को हराने और इंसान को बचाने

I

इस देहधारण के दौरान धरती पर,

इंसानों में अपना काम करता परमेश्वर।

इन सारे कामों का मकसद, है शैतान की हार।

जीतकर इंसान को, बनाकर पूरा तुम लोगों को,

हराएगा परमेश्वर शैतान को।

दोगे जब तुम मज़बूत गवाही,

तो इससे भी साबित होगी शैतान की हार।

देह-धारण किया परमेश्वर ने, शैतान को हराने,

इंसान को बचाने, इंसान को बचाने।

II

पहले जीता जाता, फिर पूरा किया जाता इंसान,

ताकी परास्त हो शैतान।

मगर सार ये है, शैतान को हराकर,

इंसान को दर्दों की दुनिया से बचाता है परमेश्वर।

चीन में हो या पूरी दुनिया में हो ये काम,

मकसद शैतान को हराना, इंसान को बचाना।

ताकि इंसान करे प्रवेश वहां, जहां मिले उसे आराम।

देह-धारण किया परमेश्वर ने, शैतान को हराने,

इंसान को बचाने, इंसान को बचाने।

देह-धारण किया परमेश्वर ने, शैतान को हराने,

इंसान को बचाने, इंसान को बचाने।

III

मामूली देह में परमेश्वर का आना,

मकसद बस उसका है शैतान को हराना।

परमेश्वर को प्यार जो करते इस धरती पर,

देहधारी परमेश्वर का काम है उनको बचाना।

ये जीतने की ख़ातिर है इंसान को,

ये हराने की ख़ातिर है शैतान को।

परमेश्वर के काम का मूल, मानव के उद्धार के लिये,

शैतान की पराजय से, अलग हो नहीं सकता।

देह-धारण किया परमेश्वर ने, शैतान को हराने,

इंसान को बचाने, इंसान को बचाने।

देह-धारण किया परमेश्वर ने, शैतान को हराने,

इंसान को बचाने, इंसान को बचाने।

"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला:परमेश्वर के दो देहधारणों के मायने

अगला:देहधारी परमेश्वर की जो मानते हैं, वो ही पूर्ण बन सकते हैं

शायद आपको पसंद आये

केवल परमेश्वर के प्रबंधन के मध्य ही मनुष्य बचाया जा सकता है परमेश्वर सम्पूर्ण मानवजाति के भाग्य का नियन्ता है बुलाए हुए बहुत हैं, परन्तु चुने हुए कुछ ही हैं प्रश्न 24: तुम यह प्रमाण देते हो कि प्रभु यीशु पहले से ही सर्वशक्तिमान परमेश्वर के रूप में वापस आ चुका है, कि वह पूरी सच्चाई को अभिव्यक्त करता है जिससे कि लोग शुद्धिकरण प्राप्त कर सकें और बचाए जा सकें, और वर्तमान में वह परमेश्वर के घर से शुरू होने वाले न्याय के कार्य को कर रहा है, लेकिन हम इसे स्वीकार करने की हिम्मत नहीं करते। यह इसलिए है क्योंकि धार्मिक पादरियों और प्राचीन लोगों का हमें बहुधा यह निर्देश है कि परमेश्वर के सभी वचन और कार्य बाइबल में अभिलेखित हैं और बाइबल के बाहर परमेश्वर का कोई और वचन या कार्य नहीं हो सकता है, और यह कि बाइबल के विरुद्ध या उससे परे जाने वाली हर बात विधर्म है। हम इस समस्या को समझ नहीं सकते हैं, तो तुम कृपया इसे हमें समझा दो।